बहुत हुआ विशलेषण,बहुत हुई तैयारी है
उठो भारत के पूत उठो ,अब करने की बारी है ॥
मौत दो उसे भयानक जो भ्रष्टाचारी है
उठो भारत के पूत उठो ,अब करने की बारी है ॥
मधुर स्वप्न से बाहर निकलो, छोड़ो जो लाचारी है
उठो भारत के पूत उठो ,अब करने की बारी है ॥
अन्याय के विरुद्ध शस्त्र उठाना अब यही देहारी है
उठो भारत के पूत उठो ,अब करने की बारी है ॥
हर पुत्र बने भगत सिंह यही आस हमारी है
उठो भारत के पूत उठो ,अब करने की बारी है ॥
स्वयं को करें देश अर्पण धन स्वप्न बिमारी है
उठो भारत के पूत उठो ,अब करने की बारी है ॥